एसडीएम की कार्यप्रणाली से परेशान पटवारियों ने सौंपा ज्ञापन....दो घंटे इंतजार के बाद मिला एसडीएम से मिलने का अवसर.... देर रात तक काम कराने और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अनुचित व्यवहार...!
05 Nov, 2026
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केवलारी नायक दर्पण
तहसील केवलारी में पदस्थ पटवारी कर्मचारियों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैद्यनाथ वासनिक की कार्यप्रणाली एवं कार्यशैली से परेशान होकर मध्यप्रदेश पटवारी संघ के बैनर तले अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। सभी पटवारी दोपहर लगभग 12:30 बजे एसडीएम कार्यालय पहुंचे, लेकिन करीब दो घंटे तक इंतजार करने के बाद उन्हें एसडीएम को ज्ञापन सौंपने का अवसर मिला।
पटवारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि निर्धारित कार्यालयीन समय के बाद भी लगातार देर रात तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) आयोजित की जाती है तथा पटवारियों को लंबे समय तक ऑनलाइन उपस्थित रहने के निर्देश दिए जाते हैं। इसके अलावा कई अवसरों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अनुचित भाषा, सार्वजनिक रूप से फटकार और अपमानजनक व्यवहार किए जाने से कर्मचारियों में मानसिक दबाव एवं असंतोष की स्थिति निर्मित हो रही है।
ज्ञापन में पटवारी संघ ने स्पष्ट किया कि पटवारी शासन की विभिन्न योजनाओं, राजस्व कार्यों एवं जनहितकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद पटवारी अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद लगातार बढ़ते कार्यभार और कार्यालयीन समय के बाद भी काम कराने की प्रवृत्ति से कर्मचारियों के स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन एवं मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
1. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए लिखित आदेश एवं निर्धारित समय-सारणी जारी की जाए।
2. VC के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अधीनस्थ कर्मचारियों से शालीन एवं सम्मानजनक व्यवहार किया जाए।
3. कार्यालयीन समय के बाद देर रात तक कार्य कराने की स्थिति में सक्षम अधिकारी द्वारा स्पष्ट लिखित आदेश जारी हों।
4. देर रात तक कार्य लेने के बाद प्रातः शीघ्र कार्य प्रारंभ कराने के निर्देशों पर पुनर्विचार किया जाए।
5. शीत ऋतु में जल्दी अंधेरा होने एवं वनांचल क्षेत्रों की परिस्थितियों को देखते हुए मैदानी कार्यों की व्यावहारिक समय-सीमा निर्धारित की जाए।
6. महिला पटवारी कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
7. देर रात कार्य के बाद आवागमन के दौरान किसी अप्रिय घटना की स्थिति में प्रशासनिक जवाबदेही निर्धारित की जाए।
8. सारा, समग्र, स्वामित्व सहित विभिन्न सरकारी पोर्टलों एवं तकनीकी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण कराया जाए।
9. तकनीकी एवं प्रशासनिक बाधाओं के कारण कार्य में देरी होने पर संबंधित पटवारी को अनावश्यक रूप से दोषी न ठहराया जाए।
10. कर्मचारियों पर मानसिक दबाव, सार्वजनिक अपमान एवं अनुचित भाषा के प्रयोग पर रोक लगाई जाए।
11. पटवारियों की वास्तविक समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका समाधान किया जाए।
12. पटवारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर सकारात्मक एवं स्थायी समाधान निकाला जाए।
हमें भी सुरक्षित घर लौटने का अधिकार है
ज्ञापन में पटवारी संघ ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि शासकीय दायित्वों का निर्वहन प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी है, लेकिन अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए सुरक्षित घर लौटना भी प्रत्येक कर्मचारी का अधिकार है। किसी भी प्रशासनिक लक्ष्य से अधिक मूल्यवान एक कर्मचारी का जीवन, स्वास्थ्य और उसकी गरिमा है।
संघ ने स्पष्ट किया कि पटवारी संवर्ग शासन के कार्यों में बाधा उत्पन्न नहीं करना चाहता, बल्कि प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर जनहित एवं शासकीय योजनाओं को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। संगठन ने प्रशासन से अपेक्षा की है कि भय और दबाव के स्थान पर विश्वास, सहयोग एवं सम्मान पर आधारित कार्यसंस्कृति विकसित की जाए।
ज्ञापन के अंत में पटवारी संघ ने सभी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आवश्यक लिखित दिशा-निर्देश जारी करने तथा पटवारी संवर्ग की समस्याओं का शीघ्र एवं स्थायी निराकरण करने की मांग की।
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