शिक्षक दंपति हत्याकांड अनसुलझा जांच के तमाम संसाधनों के बावजूद नहीं मिला निर्णायक सुराग....डॉग स्क्वॉड से फिंगरप्रिंट तक जांच फिर भी हत्यारों से दूर पुलिस......!

01 Sep, 2026 20 व्यूज
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उगली/सिवनी नायक दर्पण

सिवनी जिले के उगली थाना क्षेत्र में शिक्षक दंपति समन सिंह धुर्वे और मालती धुर्वे की हत्या को एक माह 21 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी है। 10 जुलाई 2026 को सामने आए इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वॉड, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ, फॉरेंसिक टीम और तकनीकी जांच का सहारा लिया, लेकिन 31 अगस्त तक अपराधियों का खुलासा नहीं हो सका।

जले शवों से शुरू हुई जांच, हत्या ने बदली पूरी कहानी.....
उगली थाना से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर जग्गूटोला मार्ग स्थित मकान में 10 जुलाई की दोपहर करीब 3:30 बजे दोनों के जले हुए शव मिले थे। कमरे में पलंग, कूलर और अन्य सामान भी आग की चपेट में आया था। शुरुआत में मामला आग से मौत का प्रतीत हुआ, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत हत्या से होने की जानकारी सामने आने के बाद जांच की दिशा बदल गई।
आशंका जताई गई कि हत्या के बाद शवों को आग के हवाले किया गया, ताकि वारदात से जुड़े साक्ष्य नष्ट हो जाएं और पुलिस को गुमराह किया जा सके। हालांकि हत्या का तरीका, कारण और वारदात में शामिल लोगों की संख्या का आधिकारिक खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

घटना से पहले सामान्य था संपर्क.....
जानकारी के अनुसार घटना से पहले शिक्षक दंपति सामान्य रूप से लोगों के संपर्क में थे। बुधवार शाम करीब 6:30 बजे उनके बेटे ने माता-पिता दोनों से लगभग 12 मिनट तक फोन पर बातचीत की थी। वहीं समन सिंह की एक परिचित से भी बातचीत हुई थी। अगले दिन निर्धारित शासकीय बैठक में वे नहीं पहुंचे। सहकर्मियों ने संपर्क किया तो दोपहर करीब 12:30 बजे तक फोन की घंटी जाती रही, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। मालती धुर्वे भी विद्यालय नहीं पहुंचीं और उनका मोबाइल बाद में बंद मिला।
लगातार संपर्क नहीं होने पर परिजनों को संदेह हुआ। मालती की बहन घर पहुंचीं तो मुख्य गेट बंद था, लेकिन ताला नहीं लगा था। अंदर पहुंचने पर दोनों के जले हुए शव मिले और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

वैज्ञानिक जांच के बावजूद सवाल कायम.....
घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ और डॉग स्क्वॉड की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। तकनीकी जांच के जरिए भी मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया गया। पुलिस अधिकारियों की निगरानी में अलग-अलग स्तर पर जांच चलने की बात कही जा रही है।
इसके बावजूद अब तक हत्यारों की पहचान सामने नहीं आने से पुलिस की जांच की गति और दिशा पर सवाल उठ रहे हैं। क्या हत्यारे बेहद शातिर हैं, या वारदात से जुड़े साक्ष्यों को जोड़ने में पुलिस को कठिनाई आ रही है? यह सवाल क्षेत्रवासियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

अब खुलासे का इंतजार.....
शिक्षक दंपति की हत्या के बाद से परिजन और क्षेत्रवासी पुलिस की कार्रवाई के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। लोगों की मांग है कि पुलिस मामले की हर कड़ी को जोड़ते हुए हत्यारों की पहचान करे और उन्हें गिरफ्तार कर पूरे हत्याकांड का सच सामने लाए। एक माह 21 दिन बीतने के बाद अब लोगों को जांच की प्रगति से ज्यादा उसके नतीजे का इंतजार है।