शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान और हुनर भी जरूरी...विधिक साक्षरता शिविर में विद्यार्थियों से संवाद कानून, करियर और यातायात नियमों की दी जानकारी...!

30 Aug, 2026 33 व्यूज
Main Photo
वारासिवनी(बालाघाट) नायक दर्पण

तहसील विधिक सेवा समिति वारासिवनी के तत्वावधान में नगर के आइडियल स्कूल में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड, व्यवहार न्यायालय वारासिवनी श्री ऋषभ डोनल सिंह ने कक्षा 11वीं एवं 12वीं के करीब 40 विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कानून, शिक्षा, कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और यातायात नियमों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।

न्यायाधीश ऋषभ डोनल सिंह ने कहा कि 11वीं और 12वीं कक्षा विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज या हॉस्टल जाने के बाद स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक ज्ञान और किसी न किसी हुनर को सीखने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि सिलाई, बटन लगाना, घर के छोटे-मोटे काम, बच्चों को पढ़ाना, कंप्यूटर एप्लीकेशन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सामान्य जानकारी जैसे कौशल भविष्य में आत्मनिर्भर बनने में सहायक हो सकते हैं। विद्यार्थियों को समय का सदुपयोग करते हुए अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल विकसित करना चाहिए।
विधि शिक्षा के संबंध में उन्होंने बताया कि 12वीं के बाद पांच वर्षीय एकीकृत विधि पाठ्यक्रम तथा स्नातक के बाद तीन वर्षीय एलएलबी किया जा सकता है। कानून की पढ़ाई के बाद वकालत, न्यायिक सेवा, विधि अधिकारी और कॉर्पोरेट क्षेत्र में करियर के अवसर उपलब्ध हैं।

यातायात नियमों पर जागरूक करते हुए उन्होंने निर्धारित आयु और लाइसेंस संबंधी नियमों की जानकारी दी तथा विद्यार्थियों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने का आह्वान किया।कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य श्रद्धा वर्मा एवं उप प्राचार्य हर्ष ठाकुर उपस्थित रहे। प्राचार्य ने न्यायाधीश का आभार व्यक्त किया।