A-सर्टिफाइड फिल्म फिर भी नाबालिगों की एंट्री? गोपिका सिनेमा पर उठे गंभीर सवाल.. वायरल वीडियो ने खोली लापरवाही की पोल उम्र सत्यापन पर प्रशासन की निगरानी पर भी सवाल...!

29 Aug, 2026 51 व्यूज
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सिवनी नायक दर्पण

नगर के नागपुर रोड स्थित गोपिका सिनेमा चर्चा में है। इस बार वजह फिल्म की लोकप्रियता नहीं बल्कि A-सर्टिफाइड फिल्म के प्रदर्शन के दौरान नाबालिग दर्शकों के प्रवेश के कथित आरोप हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो ने मामले को और गंभीर बना दिया है। वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है लेकिन यदि इनमें दिखाई दे रहे दावे सही पाए जाते हैं तो यह सिनेमा संचालन और उम्र सत्यापन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

टिकट खिड़की से लेकर प्रवेश द्वार तक निगरानी पर सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोपिका सिनेमा में प्रदर्शित फिल्म ‘टॉक्सिक’ को देखने के लिए स्कूली उम्र के बच्चे पहुंच रहे हैं। आरोप है कि टिकट खरीदते समय अथवा सिनेमा परिसर में प्रवेश के दौरान दर्शकों की उम्र का पर्याप्त सत्यापन नहीं किया जा रहा। कुछ लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया और स्थानीय व्हाट्सएप समूहों में प्रसारित होने की बात कही जा रही है।
यदि नाबालिगों को वास्तव में A-सर्टिफाइड फिल्म में प्रवेश दिया गया है, तो सवाल यह है कि सिनेमा प्रबंधन द्वारा निर्धारित आयु सीमा की जांच के लिए क्या व्यवस्था की गई थी?

A सर्टिफिकेट का मतलब क्या...?
CBFC की वर्गीकरण व्यवस्था के अनुसार ‘A’ प्रमाणित फिल्म केवल वयस्क दर्शकों के लिए होती है। ऐसे में 18 वर्ष से कम उम्र के दर्शकों का प्रवेश रोकना सिनेमा संचालक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बनती है। इसलिए वायरल वीडियो सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी हो गई है।
हालांकि, किसी भी कार्रवाई से पहले प्रशासन को यह भी स्पष्ट करना होगा कि वायरल वीडियो कब और कहां बनाया गया, उसमें दिखाई दे रहे लोगों की उम्र क्या है तथा वास्तव में संबंधित फिल्म के शो में नाबालिगों को प्रवेश दिया गया था या नहीं।

अभिभावकों की चिंता बच्चे स्कूल छोड़कर सिनेमा तक तो नहीं पहुंच रहे..?
मामले के सामने आने के बाद अभिभावकों के बीच भी चर्चा तेज है। उनका कहना है कि यदि कम उम्र के बच्चे बिना उम्र सत्यापन के A-सर्टिफाइड फिल्मों में प्रवेश कर पा रहे हैं तो यह केवल सिनेमा प्रबंधन का नहीं, बल्कि निगरानी व्यवस्था का भी विषय है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की उम्र को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सिनेमा संचालकों को नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए।

अब प्रशासन के सामने चार बड़े सवाल...!
मामले में जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। जरूरत है कि—
वायरल वीडियो की सत्यता और तारीख की जांच की जाए।
संबंधित सिनेमा प्रबंधन से उम्र सत्यापन व्यवस्था को लेकर जवाब मांगा जाए।
A-सर्टिफाइड फिल्मों के दौरान प्रवेश प्रक्रिया और आयु जांच की वास्तविक स्थिति देखी जाए।
जांच में नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह है जांच होगी या मामला सिर्फ वायरल वीडियो तक रहेगा..?
सवाल सिर्फ एक फिल्म या एक सिनेमा हॉल का नहीं है, बल्कि नाबालिगों के लिए निर्धारित सिनेमाई वर्गीकरण व्यवस्था के पालन का है।
फिलहाल निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित विभाग पर हैं। क्या वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर गोपिका सिनेमा की जांच होगी या मामला सोशल मीडिया की चर्चाओं तक ही सीमित रह जाएगा यह आने वाला समय बताएगा।