राष्ट्रध्वज के अपमान पर जनपद की लीपापोती....रात भर फहराता रहा तिरंगा....सीईओ ​जवाबदेही से भागे....​साक्ष्यों के बावजूद दोषियों को बचाने की रची गई पटकथा....APO और ADEO की बंद कमरे की जांच संदेह.....!

27 Aug, 2026 482 व्यूज
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​लखनादौन/सिवनी नायक दर्पण

स्वतंत्रता दिवस पर जहाँ पूरा देश राष्ट्रध्वज के सम्मान में नतमस्तक था वहीं लखनादौन जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बंधा में राष्ट्रीय ध्वज संहिता की धज्जियाँ उड़ाई गई। 15 अगस्त की रात से लेकर अगले दिन दोपहर तक पंचायत परिसर में तिरंगा फहरता रहा। इस घोर लापरवाही के वीडियो और फोटो साक्ष्य सामने आने के बाद भी दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय लखनादौन जनपद पंचायत में मामले को दबाने और जिम्मेदारों को बचाने का खेल शुरू हो गया है।

​साक्ष्य मौजूद फिर भी कागजों में लीपापोती......!
स्थानीय ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं का सीधा आरोप है कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े इतने गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच करने के बजाय लीपापोती की सोची-समझी पटकथा लिखी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जांच अधिकारी APO महेंद्र लाड़िया और ADEO रूपक रहंगडाले ने बंद कमरे में बैठकर कागजी पंचनामा तैयार कर लिया ताकि पंचायत प्रतिनिधियों और लापरवाह कर्मचारियों को बचाया जा सके।

​जवाबदेही से भागे CEO लखनादौन.....!
जब इस गंभीर लापरवाही, साक्ष्य छिपाने की साजिश और कार्रवाई के स्टेटस को लेकर जनपद पंचायत CEO निलेश बर्मन से आधिकारिक पक्ष जानने के लिए दूरभाष पर संपर्क किया गया तो सवालों का जवाब देने के बजाय CEO बर्मन मीटिंग का बहाना बनाक फोन काट दिया।

जिला प्रशासन कीकार्रवाई पर टिकीं नजरें.....!
राष्ट्रीय ध्वज संहिता के तहत सूर्यास्त के बाद निर्धारित नियमों का पालन न करना और राष्ट्रध्वज का अनादर करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। साक्ष्य सामने होने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों का यह रवैया कई सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना यह होगा कि मामले में वरिष्ठ अधिकारी इस फर्जी जांच और बदसलूकी का संज्ञान लेकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करते हैं या मामला यूं ही ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।