बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ का आरोप एक कमरे में दो-दो कक्षाएं योग्य शिक्षकों का भी टोटा शिक्षा के मंदिर में अव्यवस्थाओं का बोलबाला....!

24 Aug, 2026 62 व्यूज
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मंडला /नारायणगंज नायक दर्पण

शिक्षा के मंदिर में बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के दावों की पोल सरस्वती ज्ञान मंदिर विद्यालय नारायणगंज में खुलती नजर आ रही है। विद्यालय परिसर में बच्चों के खेलने तक के लिए समुचित मैदान नहीं है। बारिश के दौरान बच्चे कीचड़ के बीच खेलने को मजबूर हैं, वहीं परिसर में ट्रैक्टर, जेसीबी मशीन, पिकअप सहित लोहे का कबाड़ और अन्य सामान पड़ा होने से बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे हालात में किसी भी समय दुर्घटना होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

विद्यालय में व्यवस्थाओं की स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक ही कमरे में दो-दो कक्षाएं संचालित किए जाने की बात सामने आई है। इससे न केवल विद्यार्थियों को पढ़ाई में परेशानी होती है, बल्कि कक्षाओं में अनुशासन और शिक्षण की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है।

विद्यालय में बीएड/डीएड योग्य शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि यहां 12वीं फसटीयर सेकेनडिईर के शिक्षको कै द्वारा छोटे बच्चों को पढ़ा रहे हैं। यदि यह स्थिति सही है तो यह विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और बच्चों के भविष्य के प्रति गंभीर लापरवाही का मामला है। शिक्षा विभाग को विद्यालय की शिक्षक व्यवस्था और शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता की जांच करनी चाहिए।

जब विद्यालय की व्यवस्थाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इन गंभीर सवालों को लेकर प्रचार्य नरेंद्र कुशवाहा से बात की गई तो उनका कथित जवाब था— तुम्हें जो लगे वह कर लो और छाप लो मुझे फर्क नहीं पड़ता। प्रधानाचार्य की ओर से कथित तौर पर दिया गया यह जवाब स्वयं विद्यालय प्रबंधन की संवेदनशीलता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े सवालों पर यदि जिम्मेदार अधिकारी या संस्था गंभीरता नहीं दिखाएगी तो जवाबदेही आखिर किसकी होगी...?

विद्यालय परिसर में खड़े भारी वाहनों जैसे जेसीबी ट्रैक्टर पिकअप ट्रॉली और लोहे के सामान को तत्काल हटाने, बच्चों के लिए सुरक्षित खेल मैदान उपलब्ध कराने, कक्षाओं की स्थिति सुधारने तथा शिक्षकों की योग्यता और पदस्थापना की जांच कराने की मांग उठ रही है। शिक्षा विभाग को मामले का संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण करना चाहिए ताकि किसी संभावित दुर्घटना के बाद जिम्मेदारी तय करने की नौबत न आए।

इनका कहना है—
मामला आपके द्वारा संज्ञान में लाया गया है। इस संबंध में जांच दल गठित कर जांच कराई जाएगी तथा जांच प्रतिवेदन वरिष्ठ कार्यालय को अग्रिम कार्रवाई हेतु भेजा जाएगा।

राजेश विश्वकर्मा बीईओ, नारायणगंज