सड़कें हुई जर्जर,ओवरलोड ट्रेलर-डंपरों ने मचाया हाहाकार धूल-धुआं और हादसों पर नहींं पाबंदी...ओवरलोड ट्रेलरों का राज आम जनता का सत्यानाश...दिन-रात मच रहा कोहराम...जिम्मेदार की मिलीभगत से आम जनता की जिंदगी बरबाद...!

07 Jul, 2026 28 व्यूज
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सिवनी/घंसौर नायक दर्पण

स्टेट हाईवे-44 पर आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। झाबुआ पावर प्लांट से आने-जाने वाले ओवरलोड ट्रेलर, हैवी वल्कर और डंपरों ने नई बनी सड़कों को रौंद डाला है। बिना तिरपाल वाले इन वाहनों से लगातार गिर रहे कोयला, राख और गिट्टी ने पूरे इलाके को धूल का गुबार बना दिया है। ग्रामीण, राहगीर और स्कूली बच्चे खुली सड़क पर सांस लेने को भी मजबूर हैं।

सड़कें टूट रही हैं, दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं....
लखनादौन-घंसौर-मंडला मार्ग पर इन भारी वाहनों के लगातार दबाव से हाल ही में बनी सड़कें तेजी से जर्जर हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन-रात चल रहे इन वाहनों की वजह से छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं और ट्रैफिक जाम आम बात हो गई है। खासकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक बेहद चिंतित हैं।

ज्ञापन देकर की गई ये बड़ी मांगें....
घंसौर क्षेत्र के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से आवाज उठाई है। उन्होंने प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में सख्त कार्रवाई की मांग की है सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक पूर्ण प्रतिबंध झाबुआ पावर प्लांट से जुड़े सभी ओवरलोड ट्रेलर, डंपर और मालवाहकों को घंसौर-गोरखपुर-जबलपुर मार्ग पर दिन के समय प्रवेश की मनाही हो।रात्रिकाल में केवल सीमित समय के लिए आवागमन की अनुमति।स्थायी वेट ब्रिज (वजन पुल) की तुरंत स्थापना।पूरे मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।24 घंटे संयुक्त जांच अभियान चलाया जाए।
ओवरलोड और बिना ढके वाहनों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई।

ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम घंसौर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, स्थानीय विधायक और सांसद को भी भेजी गई है।

हमारी सड़कें, हमारी सांसें...अब और नहीं सहेंगे...
स्थानीय लोगों ने कहा प्लांट के विकास के नाम पर हमारी सड़कें, हमारी सेहत और बच्चों का भविष्य क्यों कुर्बान हो..? क्या पावर प्लांट के विकास और स्थानीय जनजीवन के बीच संतुलन संभव है..? या फिर विकास का बोझ हमेशा आम आदमी ही उठाएगा.. ?