बारिश में अंतिम संस्कार भी बना चुनौती तिरपाल का सहारा से अंतिम सम्मान की विकास के दावे फेल...सरपंच-सचिव और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का नजरा...विकास की राशि आखिर जाती कहाँ...?
03 Jul, 2026
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सिवनी/केवलारी नायक दर्पण
जनपद पंचायत केवलारी की ग्राम पंचायत चोरापाठा में आज भी एक व्यवस्थित श्मशान घाट का निर्माण नहीं हो सका है। बरसात के मौसम में ग्रामीणों को अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील प्रक्रिया के दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कीचड़, जलभराव और उचित स्थान के अभाव में मृतकों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करना भी कठिन हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने और श्मशान घाटों के निर्माण के बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन चोरापाठा की स्थिति इन दावों की वास्तविकता उजागर कर रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब पंचायतों को विभिन्न विकास योजनाओं के तहत राशि उपलब्ध कराई जाती है तो श्मशान घाट जैसी आवश्यक सुविधा आज तक क्यों नहीं बन पाई...?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरपंच, सचिव और जनप्रतिनिधि चुनाव के समय तो विकास और जनसेवा की बातें करते हैं लेकिन उसके बाद गाँव की मूलभूत समस्याएँ वर्षो तक जस की तस बनी रहती हैं। बरसात में अंतिम संस्कार के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान का अभाव ग्रामीणों की पीड़ा को और बढ़ा देता है।
जनपद पंचायत और जिला स्तर के अधिकारियों ने इस मूलभूत आवश्यकता पर अब तक संज्ञान क्यों नहीं लिया गया आखिर ग्रामीणों को सम्मानजनक अंतिम संस्कार की सुविधा से कब तक वंचित रखा जाएगा...?
वोट के बाद गायब विकास बारिश में ग्रामीणों की बेबसी उजागर... विकास के दावों की वास्तविक परीक्षा कागजों पर नहीं बल्कि गांव की ज़मीनी हकीकत से होती है और चोरापाठा की तस्वीर कई गंभीर प्रश्न छोड़ रही है।
बारिश में अंतिम संस्कार भी बना संकट ग्राम चोरापाठा में श्मशान घाट का अभाव उजागर...!
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