उपलब्धि की वाहवाही और अनियमितताओं पर पर्दा..?दोहरे पद और लंबित शिकायतों के बीच सम्मान..अखबार की सुर्खियों में रहने वाले को किसने और कैसे चुना..?जिला पंचायत के जिम्मेदारों की टेबल पर शिकायत अटकी कार्यवाही पर ध्यान नही...?

30 Jun, 2026 23 व्यूज
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सिवनी नायक दर्पण

जनपद पंचायत धनौरा जो सालों से अनियमितताओं, भ्रष्टाचार के आरोपों और विवादों की वजह से अखबारों की सुर्खियों में छाई रहती है आज अचानक 'मॉडल' बनकर प्रशस्ति पत्र थामे खड़ी है। सवाल उठता है—आखिर धनौरा को चुनने वाला कौन..? और किस आधार पर..?

जो पदाधिकारी प्रशस्ति पत्र ले रहे हैं भूपेंद्र सिंह राजपूत दो-दो पदों पर काबिज रहते हुए कई गंभीर अनियमितताओं में लिप्त रहे हैं। उनकी शिकायतें आज भी जिला पंचायत सिवनी के कर्मचारियों की टेबल पर धूल खा रही हैं। फाइलें अटकी हुई हैं लेकिन सम्मान का सिलसिला जारी है। जिला पंचायत के जिम्मेदार भूपेंद्र सिंह राजपूत के कारनामे पर पर्दा डाले रखें है। शिकायत के महिनों बीत गए पर..?

एक उपलब्धि दिखाकर क्या छुपाया जा रहा है..? जनपद पंचायत धनौरा के कार्यो की जाँच अगर किसी अन्य जिले की निष्पक्ष टीम से कराई जाए तो अनियमितताएँ खुद-ब-खुद सामने आ जाएँगी। काम की बारिकी से पता चलेगा कि आंकड़े कितने हवा-हवाई हैं और वास्तविकता कितनी अलग।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत कराए गए कार्यो की तकनीकी एवं वित्तीय जांच किसी अन्य जिले की स्वतंत्र टीम से कराई जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। केवल एक उपलब्धि के आधार पर सम्मान देना पर्याप्त नहीं है बल्कि कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और वित्तीय प्रक्रिया का भी मूल्यांकन होना चाहिए।

धनौरा को चयन का आधार क्या था.. ? किन मापदंडों पर मूल्यांकन हुआ..? किसने ओर किसने सम्मान लायक बनाया क्या जिस जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 समापन में चुना गया वह निर्माण की बारिकी से निरिक्षण हुआ क्या जिस उद्देश्य के लायक बना वह पूरा हो पाऐगा..? जिला पंचायत सिवनी में लंबित शिकायतों का क्या हुआ..