जनपद पंचायत किरनापुर में 'भ्रष्टाचार का काल। 11 पंचायतों की कुंडली खंगालेगी 4 सदस्यीय टीम, मची खलबली
26 Jun, 2026
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जनपद पंचायत किरनापुर में 'भ्रष्टाचार का काल।
11 पंचायतों की कुंडली खंगालेगी 4 सदस्यीय टीम, मची खलबली
नायक दर्पण/बालाघाट।
जिले की जनपद पंचायत किरनापुर एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों के केंद्र में है। किरनापुर जनपद के अंतर्गत आने वाली 11 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के नाम पर की गई कथित धांधली और गबन की शिकायतों ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। जिला पंचायत बालाघाट के सख्त निर्देश के बाद अब इन पंचायतों की कुंडली खंगाली जाएगी।
क्या है मामला?
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ग्राम कोसमी निवासी शिकायतकर्ता संजय अजीत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को शिकायत पत्र सौंपा था। आरोप है कि सरपंचों और सचिवों की मिलीभगत से सुसवा, बेलगांव, देवगांव, मौदा, पीपलगांवखुर्द, मंगोलीकला, धड़ी, दत्ता, बुढ़ी और अकोला ग्राम पंचायतों में मनरेगा, 5वें और 15वें वित्त आयोग की राशि का जमकर दुरुपयोग किया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि फर्जी बिल लगाकर और मनरेगा में फर्जी मस्टर रोल भरकर करोड़ों की सरकारी राशि का गबन किया गया है।
फर्जी बिल और RO मशीन की खरीद में भी खेल
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शिकायत में यह भी खुलासा किया गया है कि पंचायतों में RO मशीन की खरीद में भी अधिक राशि के फर्जी बिल लगाए गए और दूसरे मद की राशि का गलत इस्तेमाल किया गया। साथ ही टैक्स वसूली की राशि में भी हेराफेरी का गंभीर आरोप है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने नायक दर्पण अखबार के माध्यम से इन भ्रष्टाचारों को उजागर करने की कोशिश की तो सरपंचों ने बदले की भावना से उनके खिलाफ झूठी शिकायतें कर उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया। हालांकि शिकायत के बाद जांच में पत्रकार निर्दोष पाए।
4 सदस्यीय जांच टीम गठित
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इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला पंचायत बालाघाट के सीईओ अभिषेक सराफ ने किरनापुर जनपद पंचायत को जांच के आदेश दिए थे। जिसके चलते मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत किरनापुर द्वारा 4 सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया गया है।
अब नपेगी गर्दन?
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जांच दल में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश तिवारी, सहायक यंत्री टी.पी. परते, खण्ड पंचायत अधिकारी बेनेश्वर बिसेन और पंचायत समन्वय अधिकारी बी.एस. सैयाम को शामिल किया गया है। प्रशासन ने एक सप्ताह के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या जांच टीम रसूखदार सरपंचों और सचिवों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती है या फिर यह जांच भी फाइलों में दबकर रह जाएगी। फिलहाल किरनापुर के भ्रष्ट तंत्र में इस जांच ने खलबली मचा दी है।
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