कागजों में विकास, धरातल पर जीरो शिकायतों पर महीनों से नहीं हुई कार्रवाई...कागजों में चमका विकास धरातल पर फूटा भ्रष्टाचार का बुलबुला...शिकायतें कई महीनों से दफन जिम्मेदारों ने पहन रखा क्या कमीशन का चश्मा...?
28 May, 2026
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सिवनी नायक दर्पण
जिला पंचायत सिवनी के जनपद पंचायत बरघाट की ग्राम पंचायत गोडेगांव के पटबर्रा में प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना की हुई मटियामेट... जिस तालाब का निर्माण विकास और जल संरक्षण के नाम पर किया गया उसका उद्देश्य पूरा नहीं करा सके जिम्मेदार निर्माण कार्य में नियमों और मापदंडों का पालन नहीं किया गया जिनके तहत अमृत सरोवर तालाब तैयार होना चाहिए था।
योजना का उद्देश्य गांव को जल संरक्षण और लाभ पहुंचाना था लेकिन जिम्मेदारों ने इसे सिर्फ कागजी विकास तक सीमित कर दिया। धरातल पर तालाब की स्थिति और गुणवत्ता भ्रष्टाचार का छाप छोड़ गए निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी कर सिर्फ भुगतान और कमीशन के खेल पर ध्यान दिया गया।
इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, संबंधित इंजीनियर, एसडीओ, जनपद पंचायत बरघाट और जिला पंचायत सिवनी के जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका पर भी उंगलियां उठ रही हैं। इस तालाब की अनियमितता पर कई महीनों पहले जिला पंचायत में शिकायत दी जा चुकी है लेकिन आज तक न तो निष्पक्ष जांच हुई और न ही किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई दिखाई दी।
लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया तालाब भ्रष्टाचार की छाप नजर आ रही है जबकि नियम और गाइडलाइन को खुलेआम ठेंगा दिखाया गया। तालाब निर्माण में गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और सरकारी नियमों को दरकिनार कर सिर्फ कमीशन की खेती की गई। कागजों में विकास ऐसा चमकाया गया मानो गांव की तस्वीर बदल गई हो, लेकिन धरातल पर हकीकत विकास की पोल खोल रही है।
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