गंगाजी घाट से हटाया कूड़ा-करकट, जल संरक्षण और नदी बचाने का दिया संदेश...जल ही जीवन है नदियों को पवित्र रखने सभी से आगे आने की अपील...पृथ्वी की जीवन रेखा हैं नदियां...!
27 May, 2026
124 व्यूज
सिवनी नायक दर्पण
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय फ्रीलांसर जर्नलिस्ट जितेन्द्र सिंह ने लखनवाड़ा स्थित गंगाजी नदी एवं घाट की साफ-सफाई कर समाज को स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने घाट परिसर से कूड़ा-करकट हटाकर नदी को स्वच्छ बनाए रखने का प्रेरणादायक कार्य किया, जिसकी स्थानीय लोगों ने सराहना की।
इस अवसर पर जितेन्द्र सिंह ने कहा कि “नदियां पृथ्वी की जीवन रेखा हैं। इन्हें स्वच्छ और सुरक्षित रखना हम सभी का कर्तव्य है। नदियों की सफाई से न केवल मनुष्य बल्कि पशु-पक्षियों और पर्यावरण को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलता है।”
उन्होंने बताया कि नदियां खेती की सिंचाई, बिजली उत्पादन, परिवहन और दैनिक जीवन की अनेक आवश्यकताओं का आधार हैं। यदि जल स्रोत सुरक्षित रहेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
गंगा दशहरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में यह पर्व अत्यंत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन राजा भगीरथ की कठोर तपस्या से मां गंगा का स्वर्ग से धरती पर अवतरण हुआ था। इसी कारण इस दिन गंगा स्नान, दान और तिलोदक का विशेष महत्व माना गया है।
जितेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार, प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और आमजन की सहभागिता से नदियों को पुनः उनके स्वच्छ और पवित्र स्वरूप में लाया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण का संकल्प लेने और नदी स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
भारतीय संस्कृति में नदियों को देवी स्वरूप माना गया है और मां गंगा को विशेष स्थान प्राप्त है। गंगा दशहरा केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी संदेश देता है।
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