जहाँ माता स्वयं प्रकट हुईं, वहाँ आज भी विकास की प्रतीक्षा”
17 Jan, 2026
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सिवनी।नायक दर्पण
धनोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम रामखिरिया की पहाड़ी पर स्थित मां ज्वाला देवी एवं मां काली मंदिर क्षेत्रवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है। बावजूद इसके, माता के प्राकट्य को 22 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह अलौकिक स्थल विकास से वंचित है।
🔥 रहस्यमयी प्राकट्य की गवाही देता इतिहास
मंदिर के पुजारी अनिल कुमार राय ने बताया कि दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद से वे मां काली की निरंतर साधना करते रहे। इसी दौरान उन्हें घर में चूड़ियों व पायल की झनकार सुनाई देने लगी।
5 मार्च 2003 की रात लगभग 11 बजे उन्हें ऐसा अनुभव हुआ मानो कोई वृद्ध माता द्वार पर आई और लौट गई। यह बात उन्होंने ग्रामवासियों को बताई, जिसके बाद वे लगभग 200 ग्रामीणों के साथ पहाड़ी की ओर गए।
घने जंगल की ऊँची पहाड़ी पर सभी ने जलती हुई ज्वाला देखी, जो कुछ ही समय में भूमि के भीतर समा गई। टॉर्च की रोशनी में ग्रामीणों ने पहाड़ी के अंदर मां ज्वाला देवी की प्रतिमा देखी, जिसे खुदाई कर बाहर निकाला गया। इसके पश्चात वहीं मां काली की प्रतिमा भी प्रकट हुई।
🙏 पहले से प्राण-प्रतिष्ठित थीं प्रतिमाएँ
पूरे घटनाक्रम की जानकारी चीजगांव वाले दादा जी को दी गई, जिन्होंने बताया कि दोनों प्रतिमाएँ पहले से ही प्राण-प्रतिष्ठित हैं और उन्हें उसी पहाड़ी पर स्थान देना चाहिए। इसके बाद क्षेत्रवासियों ने अपनी सामर्थ्य अनुसार मंदिर का निर्माण कराया।
🌺 आस्था का केंद्र, पर सुविधाओं का अभाव
आज इस मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की आस्था है कि मां ज्वाला देवी व मां काली उनकी हर अर्जी स्वीकार कर मनोकामना पूर्ण करती हैं।
प्रति वर्ष 30 दिसंबर से 5 जनवरी तक यहाँ विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें प्रतिदिन कई हजार श्रद्धालु शामिल होते हैं।
इसके बावजूद मंदिर तक पहुंचने के रास्ते, मूलभूत सुविधाएं, प्रकाश, सुरक्षा और पर्यटन विकास का अभाव बना हुआ है।
🌿 ईको पर्यटन में शामिल करने की मांग
क्षेत्रवासियों ने इस रमणीक, अद्भुत, अलौकिक और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र को ईको पर्यटन में शामिल कर इसके समग्र विकास की मांग की है।
उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से मंदिर परिसर का कायाकल्प कर सुविधाओं के विस्तार की अपील की है, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिले और क्षेत्र का पर्यटन विकास हो सके।
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