कान्हा में फिर बाघ की मौत कब जागेगा प्रबंधन...बहानों में उलझा प्रबंधन धरने पर उतरेंगे पत्रकार...किसली रेंज बना कब्रिस्तान... बहानेबाजी की ढाल में क्या छुपाया जा रहा..!
05 May, 2026
214 व्यूज
मंडला नायक दर्पण (प्रदीप कुमार शर्मा)
मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है। लगातार हो रही बाघों की मौत के बीच आज फिर एक बाघ का शव किसली रेंज के करई घाट में मिलने से हड़कंप मच गया है। यह घटना न सिर्फ वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल भी बना रही है।
सूत्रों के अनुसार बीते कुछ दिनों में बाघों की लगातार मौत ने वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। हर बार की तरह इस बार भी प्रबंधन अलग-अलग कारणों का हवाला दे रहा है लेकिन ठोस जवाब और जिम्मेदारी तय करने से बचता नजर आ रहा है।
“बहाने बहुत, जवाब शून्य” यही भावना अब पत्रकारों और समाज के बीच साफ दिखाई दे रही है। सवाल उठ रहा है कि आखिर देश-विदेश में अपनी पहचान रखने वाला कान्हा, अब बाघों के लिए सुरक्षित क्यों नहीं रह गया?
घटना के विरोध में अब जिले के पत्रकारों ने मोर्चा खोल दिया है। जानकारी के अनुसार, कान्हा प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ पत्रकार जल्द ही धरना प्रदर्शन करने जा रहे हैं।
उनका कहना है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।यह मामला अब केवल एक बाघ की मौत का नहीं बल्कि पूरे इकोसिस्टम और संरक्षण व्यवस्था की विफलता का प्रतीक बनता जा रहा है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो “टाइगर स्टेट” की छवि पर गहरा असर पड़ सकता है।
एक के बाद एक हो रही मौतें साफ संकेत दे रही हैं कि जंगल के अंदर कुछ बहुत गलत हो रहा है लेकिन जिम्मेदार अफसर हर बार “रूटीन कारण” बताकर मामला रफा-दफा करने में जुटे हैं। वन्यजीव प्रेमियों में भारी आक्रोश है।
क्या कान्हा अब बाघों के लिए सुरक्षित नहीं रहा..?क्या निगरानी व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित है...?
“बहाने बहुत हैं लेकिन जवाब कोई नहीं” यही अब जनभावना बन चुकी है।इसी गुस्से के बीच अब जिले के पत्रकारों ने खुला ऐलान कर दिया है कान्हा प्रबंधन के खिलाफ जल्द ही जोरदार धरना प्रदर्शन होगा।
पत्रकारों का कहना है कि अगर जल्द ही पारदर्शी जांच और जिम्मेदारी तय नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा।
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