सरकारी जमीन पर कब्जा आदेशों की धज्जियां प्रशासन मौन... न्यायालय के फैसले ठंडे बस्ते में... किसके संरक्षण में चल रहा खेल..!
03 May, 2026
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सिवनी नायक दर्पण
जिले के तहसील क्षेत्र भोमा अंतर्गत ग्राम किरकिरंजी से शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और प्रशासनिक उदासीनता का गंभीर मामला सामने आया है। गांव निवासी धर्मराज साहू (पिता राम साहू) ने आरोप लगाया है कि उनकी निजी भूमि से लगी शासकीय रास्ता भूमि (खसरा नंबर 34/1, रकबा 0.03 हेक्टेयर) पर पुसूलाल बोनिया एवं उनके पुत्र राकेश द्वारा जबरन कब्जा कर अवैध मकान का निर्माण किया जा रहा है।
पीड़ित के अनुसार, इस अवैध निर्माण के चलते न केवल उनका बल्कि गांव के अन्य लोगों का आवागमन भी बाधित हो रहा है। मामला और भी गंभीर तब हो जाता है जब यह सामने आता है कि इस कब्जे को हटाने के लिए पूर्व में राजस्व न्यायालय तहसीलदार भोमा द्वारा प्रकरण क्रमांक 2/अ-68/2013-14 एवं 16/अ-70/2015-16 में आदेश जारी किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं, सिविल न्यायालय (षष्ठम व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खंड, सिवनी) द्वारा प्रकरण क्रमांक RCS 13A/2018 में भी अवैध कब्जा हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।
इसके बावजूद आरोपियों द्वारा न केवल आदेशों की अनदेखी की जा रही है, बल्कि अवैध निर्माण को और मजबूत किया जा रहा है। पीड़ित धर्मराज साहू का आरोप है कि जब भी वे इस अवैध कब्जे का विरोध करते हैं, तो उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत झूठी शिकायतें दर्ज कर उन्हें और उनके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन, थाना पुलिस, राजस्व विभाग और ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं और संभावित संरक्षण की आशंका भी जताई जा रही है।
पीड़ित ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शासकीय भूमि से तत्काल अतिक्रमण हटाया जाए, न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि कानून का सम्मान बना रहे और आम जनता को राहत मिल सके।
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