90 साल की आध्यात्मिक यात्रा... मीडिया परिचर्चा में गढ़ी स्वर्णिम समाज की रूपरेखा...राधे-कृष्ण की चलित झांकियों ने मोहा मन...पत्रकारों का सम्मान समाज परिवर्तन का संकल्प शांति शिखर में भव्य आयोजन...!

01 May, 2026 46 व्यूज
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सिवनी नायक दर्पण

आध्यात्मिक चेतना और मानवीय मूल्यों की अलख जगाने वाले प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के 90 वर्ष पूर्ण होने पर शहर के शांति शिखर केंद्र में शुक्रवार को भव्य मीडिया परिचर्चा एवं स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में जिले के पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा स्व-परिवर्तन से विश्व-परिवर्तन जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि बदलाव की शुरुआत व्यक्ति के भीतर से ही होती है।

ब्रह्माकुमारीज की जिला प्रमुख ज्योति दीदी ने संस्थान की 1936 से शुरू हुई यात्रा को याद करते हुए बताया कि आज यह संगठन 140 से अधिक देशों में अपनी आध्यात्मिक सेवाएं दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह विश्व का सबसे बड़ा महिला नेतृत्व वाला आध्यात्मिक संगठन है, जिसने नारी को शक्ति स्वरूप के रूप में स्थापित किया है।

परिचर्चा में मीडिया की भूमिका को भी केंद्र में रखा गया। ज्योति दीदी ने पत्रकारों से सकारात्मक सोच के प्रसार और सतयुगी समाज के निर्माण में भागीदार बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों का सम्मान किया गया, वहीं राधे-कृष्ण और लक्ष्मी-नारायण की चलित झांकियों ने ऐसा माहौल बनाया कि उपस्थित लोगों ने इसे सिवनी में वृंदावन का अनुभव बताया।

इसके साथ ही संस्थान ने 2026-27 तक 90 लाख पौधे लगाने के संकल्प की जानकारी दी, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

राजयोग प्रदर्शनी और 3D मेडिटेशन शो ने लोगों को तनावमुक्त जीवन का अनुभव कराया। जैसा कर्म करोगे वैसा फल पाओगे के सिद्धांत को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

संस्थान के सेवा कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि इसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा “मैसेंजर ऑफ पीस” सम्मान मिल चुका है और यह 8500 से अधिक केंद्रों के माध्यम से विश्वभर में सेवाएं दे रहा है।

कार्यक्रम का समापन सामूहिक राजयोग अभ्यास और स्नेह भोज के साथ हुआ। आयोजन में शहर के वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।