देवर दरबार में चल रही पंचायत सरपंच सिर्फ नाम का चेहरा...सरकारी खजाने पर साया पंचायत फंड बना परिवार फंड सिस्टम पूरी तरह फेल... देवर अनिल जंघेला के इशारों पर हो रहा भ्रष्टाचार नियम बने मजाक...जिम्मेदारों की चुप्पी कमीशन ओर ईशारा...कब जागेगे जिम्मेदार...?

27 Apr, 2026 8 व्यूज
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सिवनी नायक दर्पण


पंचायती राज नियमों के अनुसार किसी भी वित्तीय लेन-देन में सरपंच, सचिव के हस्ताक्षर,सील अनिवार्य होते हैं। यहां इन मूलभूत नियमों को नजरअंदाज कर भुगतान हो रहें हैं। पंचायत की कार्यप्रणाली पहले भी वित्तीय अनियमितताओं सामने आए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नतीजा यह है कि जिम्मेदार अधिकारी भी इस पूरे खेल पर आंखें मूंदे बैठे हैं।

जनपद पंचायत सिवनी के ग्राम पंचायत जमुनिया (बकोड़ी) में जमीनी काम से ज्यादा कागजों में विकास दिखने लगा है
पंचायत सचिव सरपंच के बिना हस्ताक्षर सील लाखों रुपये के बिल पास हो रहे हैं। सबसे चौंकाने वाला मामला उन्ही बिलों में 55 किलो लड्डू के बिल लगे है।

पहले घटिया निर्माण अब बिलों में खेल शासन की राशि हजम करने का नया तरीका। कमीशन की परतें मोटी पारदर्शिता कहीं नजर नहीं आती। सरपंच मालती जंघेला सचिव जयकुमार अरेवा और मास्टर माइंड सरपंच का देवर अनिल जंघेला की कारनामे से पंचायती राज नियमों को दरकिनार कर फर्जी तरीके से भुगतान पास हो रहें जिम्मेदारो को कमीशनखोरी की आदत हो चुकी।

सरपंच का देवर अनिल बना असली ‘पावर सेंटर’ इशारों पर चला रहा पंचायत अपने फायदा के लिए शासन की राशि पर खेल फर्जी बिलों से गोलमाल कर हो रहा मालामाल
कुर्सी सरपंच की कंट्रोल देवर अनिल जंघेला का पंचायत में दोहरी सत्ता नियम-कानून को ठेंगा पंचायत बनी निजी दुकान