10 साल बाद ‘पीओआर’ का खेल! 16 हजार वसूली के आरोप, 2 हजार 16 रुपए की रसीद बाकी रकम किसकी जेब में?

15 Mar, 2026 49 व्यूज
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नायक दर्पण/बालाघाट
जिले के समनापुर बफर जोन कान्हा टाइगर रिजर्व से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि वर्ष 2016 में पीओआर (POR) के नाम पर फॉरेस्ट गार्ड नरोत्तम मेरावी ने दो ग्रामीणों से 8-8 हजार रुपए यानी कुल 16 हजार रुपए वसूल लिए थे। मामला जब धीरे-धीरे उजागर होने लगा तो लगभग 10 साल बाद 2026 में मात्र 2 हजार 16 रुपए का पीओआर काटकर पूरे मामले को दबाने की कोशिश की गई। लगभग ग्राम के 30 परिवार के लोगों के द्वारा बफर जोन फॉरेस्ट की भूमि पर खेती की जा रही है लेकिन फॉरेस्ट गार्ड नरोत्तम मेरावी ने केवल ग्राम के 2 लोगों को निशाना बनाकर दोनों से 16 हजार रुपए की वसूली की बाकी लोगों पर मेहरबानी की जा रही है।हालांकि मामला परिक्षेत्र अधिकारी के संज्ञान में लाने के बाद भी कोई उचित कार्यवाही नहीं की गई है।

बार ,बार घर में आकर बना रहे दबाव

ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने पैसे वापस करने की बात कही और मामले को उठाया तो फॉरेस्ट गार्ड नरोत्तम मेरावी बार-बार उनके घर पहुंचकर उन्हें धमकाने और दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है। इससे पीड़ित परिवार वन विभाग से भय के माहौल में जीने को मजबूर है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब ग्रामीणों से 16 हजार रुपए लिए गए थे तो सिर्फ 2 हजार 16 रुपए का ही पीओआर क्यों काटा गया?बाकी की लगभग 14 हजार रुपए की राशि आखिर किस-किस की जेब में गई? क्या यह पूरा मामला वन विभाग के भीतर चल रहे किसी संगठित खेल की ओर इशारा कर रहा है?
सूत्रों के मुताबिक यह पूरा मामला समनापुर बफर जोन कान्हा टाइगर रिजर्व के जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंच चुका है और परिक्षेत्र अधिकारी प्रीवेश वराडे को भी इसकी जानकारी दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक न तो किसी प्रकार की जांच शुरू हुई और न ही आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या विभाग के भीतर ही इस मामले को दबाने की कोशिश हो रही है?

जल्द हो सकती है कर्मचारी के विरुद्ध शिकायत

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे पूरे मामले की शिकायत उच्च स्तर तक करने को मजबूर होंगे।अब देखना यह होगा कि वन विभाग इस संदिग्ध वसूली और धमकी के मामले में सच्चाई सामने लाने के लिए कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।