शिकायत, खबरें और सबूत…फिर भी जांच नहीं, क्या कमीशन ने रोकी कार्रवाई....?जिला पंचायत की टेबल पर धूल खा रही शिकायत कब होगी कार्रवाई...?नायक ट्रेडर्स और पंचायत जिम्मेदारों की सांठगांठ से सरकारी राशि पर डाका... घोटाले की गूंज अधिकारी कर्मचारी तक क्या कमीशन से
06 Mar, 2026
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सिवनी/लखनादौन (नायक दर्पण)
सरकारी योजनाओं का उद्देश्य गांवों के विकास को गति देना है, लेकिन जब योजनाओं के नाम पर ही सरकारी राशि पर सेंध लगने लगे, तो सवाल सिर्फ एक घोटाले का नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही का हो जाता है।
कुर्सी घोटाले में शिकायत, सबूत और खबरें सामने आने के बाद भी अगर जांच आगे नहीं बढ़ती, तो जनता के मन में यह शंका स्वाभाविक है कि कहीं न कहीं कमीशन और प्रभाव का खेल तो नहीं चल रहा।
लखनादौन जनपद पंचायत की विभिन्न ग्राम पंचायतों में सीमेंट की कुर्सियों की खरीदी में बड़े घोटाले की चर्चा लगातार सामने रही पंचायतों में लगाई गई कुर्सियों को बाजार कीमत से तीन गुना अधिक दर पर खरीदा गया जिससे सरकारी राशि का भारी दुरुपयोग हुआ। ओर गुणवत्ता विहीन होने से अब बैठने लायक नहीं बची।
नायक ट्रेडर्स के संचालक लक्ष्मण नायक और ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव ओर जनपद लखनादौन के कर्मचारी के बीच सांठगांठ कर कमीशन की मलाई चटी गई। कुर्सियों की सप्लाई, बिल और भुगतान में गंभीर अनियमितताएं हुई, लेकिन इसके बावजूद जिला पंचायत में शिकायत देने के महीनों बाद भी जांच की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई।
जिला पंचायत में लिखित शिकायत और दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे, लेकिन आज तक न तो जांच दल गठित हुआ और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच की। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि कहीं न कहीं कमीशन और दबाव के कारण मामला ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिन कुर्सियों को कागजों में मजबूत और टिकाऊ बताया गया, वे कई जगह कुछ ही समय में टूट-फूट की हालत में दिखाई दे रही हैं। इससे खरीद प्रक्रिया और भुगतान पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।जिला पंचायत में शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन कई महीनों के बाद भी जांच की कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई।
पंचायतों में लगाई गई कई कुर्सियां कमजोर और घटिया गुणवत्ता की हैं, जबकि कागजों में उन्हें मजबूत और महंगे सामान के रूप में दर्शाकर भुगतान कर दिया गया।सरकारी राशि हजम करने वालों पर कब चलेगा कानून का डंडा.. ?
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