घोटाले के 23 आरोपी बेखौफ, प्रशासन खामोश...EOW की जांच पूरी फिर भी ‘नो एक्शन’ क्या सत्ता बचा रही अपने लोगों को..?

03 Mar, 2026 46 व्यूज
Main Photo
लखनादौन/सिवनी नायक दर्पण

लखनादौन नगर परिषद में 83 लाख रुपये के कथित घोटाले ने जिले की राजनीति और प्रशासनिक कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की जांच के बाद नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, दो पूर्व सीएमओ सहित 23 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
FIR तो हो गई, अब गिरफ्तारी में देरी क्यों...?
जिला कांग्रेस कमेटी सिवनी (युवा कांग्रेस) ने सवाल उठाया है कि जब मामला जनता के टैक्स के 83 लाख रुपये से जुड़ा है और जांच एजेंसी FIR दर्ज कर चुकी है, तो आरोपित अब तक खुलेआम कैसे घूम रहे हैं? क्या गिरफ्तारी और वैधानिक प्रक्रिया में कोई विशेष ‘ढिलाई’ बरती जा रही है...?
शफीफ खान प्रकरण का जिक्र, दोहरा मापदंड क्यों...?
युवा कांग्रेस ने पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शफीफ खान के मामले का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें एक कथित फर्जी मामले में बिना FIR के ही तत्काल पद से हटा दिया गया था। तब प्रशासन ने तेजी दिखाई थी, लेकिन अब गंभीर आर्थिक मामले में चुप्पी क्यों..?
पद पर बने आरोपी, निष्पक्ष जांच पर सवाल...
युवा कांग्रेस की मांग है कि जांच पूर्ण होने तक आरोपित पदाधिकारियों को पदमुक्त किया जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। उनका कहना है कि जब तक आरोपी अपने पदों पर बने रहेंगे, तब तक जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठते रहेंगे।

भाजपा सरकार से सीधे सवाल...
युवा कांग्रेस ने भाजपा सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है—
क्या आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी?
क्या उन्हें पद से हटाया जाएगा?
क्या राजनीतिक संरक्षण की किसी भी आशंका को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे?
जनता पूछ रही है कानून सबके लिए समान है या नहीं...?
युवा कांग्रेस सिवनी का कहना है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो।
अब निगाहें प्रशासन और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।